सपनों का नोटिफिकेशन
सपनों का नोटिफिकेशन कवि : दिनेश नागर, राजस्थान आज स्वप्न-आकाश में आपके नाम का एक ताज़ा नोटिफिकेशन चमक उठा। सोचा— कितने दिन हो गए, आपकी टाइपिंग के वे धड़कते हुए तीन डॉट्स देखे हुए... तो क्यों न यादों की चैट एक बार फिर खोली जाए, दिल की इनबॉक्स में आपको सबसे ऊपर पिन कर दिया जाए— प्यार से... क्या पता— सपनों का नेटवर्क जुड़ जाए... और आपकी कोई मुस्कान मेरे मन की स्क्रीन पर धीरे-से उभर आए। तब हर सुबह आपकी याद का एक नया संदेश मिले, और आपकी मुस्कान मेरे जीवन का सबसे ख़ूबसूरत नोटिफिकेशन बन जाए। https://www.anubbutisevimarshtak.com/2026/06/vishwas-ka-andhpradesh-poem-dinesh-nagar.html विश्वास का अंधप्रदेश https://www.anubbutisevimarshtak.com/2026/06/kavi-dinesh-nagar-geele-baalon-ka-vah-kshan.html गीले बालों का वह क्षण https://www.anubbutisevimarshtak.com/2026/06/maa-ki-chhaya-kavita-dinesh-nagar.html माँ की छाया https://www.anubbutisevimarshtak.com/2026/06/band-darwaze-par-aakhiri-ummeed.html बंद दरवाज़े पर आख़िर उम्मीद